सोमवार, 1 जुलाई 2019

बदल गया 297 ट्रेनों का समय, और नंबर यहां देखें पूरी लिस्ट

 भरतीय रेल,फोटो
By; Akshay Shukla: 

Indian railway के उत्तरी रेलवे (Northern Railway) का नया टाइम टेबल 1 July 2019 से शुरू होने जा रहा है इसलिए अगर आपको 1 जुलाई 2019 या उसके बाद यात्रा पर निकलना है तो पहले रेलवे इंक्वायरी से अपनी ट्रेन का समय जांच लें. उत्तरी रेलवे ने रविवार को कहा कि 1 जुलाई यानी सोमवार से वह अपनी नई समय सारणी (New Time Table) लागू करने जा रहा है. रेलवे की नई समय सारणी के तह देशभर की ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है. इसके अलावा कुछ नई ट्रेनों की शुरुआत की भी घोषणा की गई है।
नयी टाइम टेबल के तहत उत्तरी रेलवे ने 267 ट्रेनों के समय में बदलाव किया है। रेलवे जोन ने 148 ट्रेनों का प्रस्थान समय बदल दिया है, जबकि 93 ट्रेनों का प्रस्थान समय पहले कर दिया गया है. 10 गाड़ियों के ट्रेन नंबर में बदलाव किए गए हैं. अब 87 ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ाई गई है. जिसकी वजह से इन ट्रेनों का सफर पांच मिनट से लेकर 3 घंटे तक कम हो गया है।
2 new तेजस एक्सप्रेस की भी शुरुआत हुई।
रेलवे ने नई दिल्ली-चंडीगढ़-नई दिल्ली और नई दिल्ली-लखनऊ-नई दिल्ली मार्ग पर दो नई तेजस एक्सप्रेस की घोषणा की है. चंडीगढ़ वाली तेजस हफ्ते में बुधवार छोड़कर 6 दिन चलेगी और लखनऊ वाली गुरुवार और रविवार छोड़कर 5 दिन चलेगी. दोनों गाड़ियों में 1AC और AC चेयर कार की सुविधा होगी. दिल्ली से चंडीगढ़ और लखनऊ के मार्ग पर तेजस एक्सप्रेस के चलने से इस रूट के यात्रियों को बड़ा लाभ होगा. इस रूट पर पहले से ही तेज रफ्तार ट्रेन- शताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन किया जा रहा है. ऐसे में भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत होने से दिल्ली से लखनऊ या चंडीगढ़ जाना और भी आसान हो जाएगा. हालांकि अभी इन ट्रेनों के चलने की शुरुआती तारीख तय नहीं हो सकी है।


4 ट्रेनों का गंतव्य बढ़ाया गया है
रेलवे के आधिकारिक सूचना के अनुसार नई समय सारणी के तहत चार ट्रेनों के गंतव्य को विस्तारित किया गया है. ये ट्रेनें हैं- 12205/12206  नई दिल्ली देहरादून नंदा देवी एक्स 25 अगस्त 2019 से कोटा तक जाएगी. 54391/54392 अलीगढ़ मुरादाबाद पैसेंजर 1 जुलाई 2019 से गजरौला तक जाएगी. 74991/74992 अंबाला अंदौरा डेमू 1 जुलाई 2019 से दौलतपुर चौक तक जाएगी और 12037/12038 नई दिल्ली लुधियाना एक्सप्रेस लोहियां खास तक जाएगी।

2 ट्रेनों का फेरे कम-ज्यादा किए
रेलवे ने 12275/12276 इलाहाबाद नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस 14 सितंबर 2019 से हफ्ते में तीन दिन की बजाय 4 दिन चलेगी. वहीं, 12037/2038 नई दिल्ली लुधियाना शताब्दी एक्सप्रेस 5 दिन के बजाय 2 ही दिन चलेगी, लेकिन इसकी तारीख तय नहीं है.
2 शताब्दी ट्रेनों के इंटरसिटी बना दिया
12043/44 नई दिल्ली-मोगा शताब्दी और 12037/38 नई दिल्ली-लुधियाना शताब्दी हैं. इससे अब इन ट्रेनों में यात्री कम खर्च में सफर कर सकेंगे. इन ट्रेनों में यात्रियों को स्लीपर क्लास और जनरल कोच की सुविधा भी मिलने लगेगी. कम बुकिंग होने की वजह से ऐसा किया गया है.

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गुरुवार, 27 जून 2019

क्या है IRCTC e-Wallet और कैसे करें इसके लिए रजिस्ट्रेशन? जानिए इसके फीचर्स


IRCTC e-Wallet: आईआरसीटीसी के मुताबिक, टिकट बुक करने की प्रकिया से पहले इस वॉलेट में पैसे डालने पड़ते हैं, जबकि उसके बाद आसानी से इसे टिकट बुकिंग के लिए पेमेंट ऑप्शन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 


IRCTC e-Wallet: इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने रेल टिकटों के भुगतान के लिए यात्रियों को अपनी ई-टिकेटिंग वेबसाइट- www.irctc.co.in पर विभिन्न जरिए मुहैया करा रखे हैं। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, आईआरसीटीसी-एसबीआई को. ब्रांडेड कार्ड्स और अन्य ऑप्शंस के बीच आईआरसीटीसी के ई-वॉलेट का भी विकल्प मिलता है। इसके जरिए आसानी से टिकट का पेमेंट किया जा सकता है।

आईआरसीटीसी के मुताबिक, टिकट बुक करने की प्रकिया से पहले इस वॉलेट में पैसे डालने पड़ते हैं, जबकि उसके बाद आसानी से इसे टिकट बुकिंग के लिए पेमेंट ऑप्शन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराना जरूरी होता है। 50 रुपए (सर्विस टैक्स छोड़कर) का शुल्क अदा कर कोई भी इस ई-वॉलेट के लिए खुद को रजिस्टर कर सकता है, पर ये रकम (50 रुपए) रिफंडेबल नहीं होते, जबकि बाद में 10 रुपए (सर्विस टैक्स के बिना) ट्रांजैक्शन चार्ज के रूप में वसूले जाते हैं।
कौन पा सकता है इसका फायदा?: भारतीय नागरिक ही आईआरसीटीसी के ई-वॉलेट का लाभ ले सकते हैं। आईआरसीटीसी के मुताबिक, इस सुविधा का फायदा पाने के लिए भारत का मोबाइल नंबर भी होना चाहिए।

How to create irctc account


ई-वॉलेट से ये होगा लाभः आईआरसीटीसी के ई-वॉलेट के जरिए यूजर प्रति टिकट पर दिए जाने वाले पेमेंट गेटवे चार्ज देने से बच सकता है। साथ ही वह पेमेंट अप्रूवल साइकिल में जाया होने वाले समय की भी इससे बचत होती है। आईआरसीटीसी ई-वॉलेट अकाउंट चलाने के लिए एक लॉग इन आईडी और पासवर्ड की जरूरत पड़ती है। खास बात है कि इसकी मदद से यूजर को बैंक, मोबाइल ई-वॉलेट जैसे अन्य पेमेंट चैनल्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।
ऐसे करें रजिस्टरः आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर सबसे पहले लॉग इन करें। फिर ई-वॉलेट सेक्शन में आईआरसीटीसी ई-वॉलेट लिंक पर जाएं, जहां ‘प्लान माइ ट्रैवल पेज’ को चुनें। अब आधार व पैन से इस अकाउंट को वेरिफाई करना पड़ेगा, जिसके आगे 50 रुपए का शुल्क देना होगा। यह शुल्क एक ही बार लिया जाएगा। यूजर को इसके बाद कम से कम 100 रुपए इस ई-वॉलेट में डालने होंगे। आईआरसीटीसी सभी यूजर्स को सलाह देता है कि टिकट बुकिंग के हिसाब से ही वे इस ई-वॉलेट में टॉप-अप (पैसे ट्रांसफर) करें।

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शुक्रवार, 7 जून 2019

प्लेटफॉर्म टिकट से भी कर सकते है ट्रेन में सफर, जानिए कैसे



By: Akshay Shukla 


अगर आपके पास प्लेटफॉर्म टिकट ही है और आप ट्रेन में चढ़ गए हैं तो घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं है। आप टिकट चेकर TTE  के पास जाकर टिकट बनवा सकते हैं।

लंबी दूरी की यात्रा करनी हो या फिर आरामदायक सफर चाहिए हो, सबको ट्रेन का ही सफर ज्यादा सुहाता है. ट्रेन से सफर करने के लिए लोग महीनों पहले रिजर्वेशन कराते हैं. रिजर्वेशन के लिए दो तरह से टिकट बुक की जाती है. टिकट रिजर्वेशन खिड़की और ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक की जा सकती है. लेकिन, कभी अचानक यात्रा करनी हो तो क्या करें? इसके लिए ज्यादातर लोग तत्काल टिकट को ही एकमात्र विकल्प मानते हैं. लेकिन, आज हम आपको बता रहे हैं कि प्लेटफॉर्म टिकट लेकर भी यात्रा की जा सकती है।




चौंकिए मत यह सच है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं रेलवे के नियम…

प्लेटफॉर्म टिकट पर यात्रा

अगर आपके पास सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकट है और आप ट्रेन में चढ़ गए हैं तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप टिकट चेकर के पास जाकर टिकट बनवा सकते हैं. दरअसल, यह रेलवे का ही नियम है. एमरजेंसी में यात्री प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में सवार हो सकता है, लेकिन उसे तुरन्त TTE से संपर्क करना होगा. साथ ही जहां जाना है वहां का टिकट कटाना होगा. हालांकि, कई बार सीट नहीं होने पर टीटीई आपको रिजर्व सीट देने से मना कर सकता है. लेकिन, आपको यात्रा करने से नहीं रोक सकता. ऐसी स्थिति में यात्री से 250 रुपए पेनाल्टी और यात्रा का किराया वसूला जाएगा.


क्या है इसका फायदा

प्लेटफॉर्म टिकट का फायदा सिर्फ इतना ही है कि यात्री को किराया उसे स्टेशन से चुकाना होगा, जहां से उसने प्लेटफॉर्म टिकट लिया है. किराया वसूलते वक्त डिपार्चर स्टेशन भी उसी स्टेशन को माना जाएगा. यात्री से किराया भी उसी श्रेणी का वसूला जाएगा, जिसमें वह सफर कर रहा होगा.


ट्रेन छूट जाए तो क्या करें?

अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन छूटने के बाद लोग परेशान होंते कि ट्रेन भी छूट गई और पैसा भी गया. लेकिन, ट्रेन मिस होने पर भी आपको रिफंड मिल सकता है. ट्रेन मिस होने की स्थिति में यात्री टीडीआर भरकर अपने टिकट के बेस फेयर का 50 प्रतिशत रिफंड क्लेम कर सकता है. लेकिन, आपको ये काम तय समय-सीमा के भीतर करना होगा.


किसी को आपकी सीट नहीं दे सकता है टीटीई

अगर आपकी ट्रेन छूट गई है तो टीटीई अगले दो स्टेशनों तक आपकी सीट किसी को अलॉट नहीं कर सकता. अगले दो स्टेशनों पर ट्रेन से पहले पहुंचकर आप अपना सफर पूरा कर सकते हैं. लेकिन, दो स्टेशनों के बाद टीटीई आरएसी टिकट वाले यात्री को ये सीट अलॉट कर सकता है.

खो जाए ट्रेन टिकट तो भी न हों परेशान
अगर आपने रेल यात्रा के लिए ई-टिकट लिया है और ट्रेन में बैठने के बाद आपको पता लगा कि टिकट खो गया है तो आप टिकट चेकर (टीटीई) को 50 रुपए पेनाल्टी देकर अपना टिकट हासिल कर सकते हैं.

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